ये कौन आ गई दिलरुबा / हसरत जयपुरी
ये कौन आ गई दिलरुबा महकी महकी फ़िज़ा महकी महकी हवा महकी महकी वो आँखों में काजल वो बालों में गजरा हथेली पे उसके हिना महकी महकी ख़ुदा जाने किस-किस की ये जान लेगी वो क़ातिल अदा वो सबा महकी महकी सवेरे सवेरे मेरे घर पे आई ऐ "हसरत" वो बाद-ए-सबा महकी महकी