इश्क की खूबसूरती / मनीष सोनी
यूँ भीड़ में बेबाकी से मेरी निगाहों का तुझे ढूंढना, और नजरें मिलते ही नजर चुरा लेना मेरा। यूँ हर पल तुझसे बात करने के बहाने ढूंढना, और घण्टों तेरी याद में बीता देना मेरा। यूँ उन शब के ख्वाबों में यथार्थता ढूंढना, और हर शब ईश्वर से तेरे लिए दुआ मांगना मेरा।